Trade Setup for July 29: क्या बुधवार को 24,000 के ऊपर वापसी करेगा NIFTY50? जानिए किन स्तरों पर रहेगी बाजार की नजर

29 जुलाई निफ्टी ट्रेड सेटअप 2026

भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है।

एक ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली है, वहीं दूसरी ओर GIFT NIFTY के मजबूत संकेत घरेलू बाजार में सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद जगा रहे हैं।

निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि क्या NIFTY50 एक बार फिर 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर मजबूती से टिक पाएगा।

बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 2.5% बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। यह तेजी ईरान द्वारा मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद देखने को मिली, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई। हालांकि ऊंचे तेल के दाम भारतीय बाजार के लिए चुनौती बन सकते हैं, लेकिन फिलहाल निवेशकों का भरोसा पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है।

अमेरिकी बाजारों की बात करें तो मंगलवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। डॉव जोन्स इंडेक्स 500 से अधिक अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में मामूली बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, टेक्नोलॉजी और चिप कंपनियों में बिकवाली जारी रहने से नैस्डैक 100 करीब 1% फिसल गया।

एशियाई बाजारों में दबाव अधिक दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का KOSPI लगभग 5% टूटकर तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि जापान का निक्केई भी 850 अंकों से अधिक लुढ़क गया। इसके बावजूद GIFT NIFTY में 200 अंकों से अधिक की तेजी यह संकेत दे रही है कि भारतीय बाजार सकारात्मक शुरुआत कर सकता है।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, मंगलवार को NIFTY50 शुरुआती बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं रहा और दिन के अंत में मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। दैनिक चार्ट पर बना Inverted Hammer कैंडलस्टिक यह दर्शाता है

कि 24,000 के आसपास अभी भी मजबूत बिकवाली मौजूद है। विशेषज्ञों का मानना है कि महीने के अंत का क्लोजिंग बाजार की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ओपन इंटरेस्ट के आंकड़ों के अनुसार 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस बना हुआ है।

वहीं 24,100, 24,200 और 24,300 स्ट्राइक पर भारी कॉल ओपन इंटरेस्ट यह संकेत देता है कि ऊपर की ओर बढ़त फिलहाल सीमित रह सकती है।

ऐसे में निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और तकनीकी स्तरों पर करीबी नजर बनाए रखनी होगी।

Full News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *