NIFTY50, SENSEX Today: वॉल स्ट्रीट के दबाव के बीच बाजार की नजर FII खरीदारी और तिमाही नतीजों पर

निफ्टी 50 और सेंसेक्स आज

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार बढ़त दर्ज करते हुए अगस्त फ्यूचर्स एवं ऑप्शंस सीरीज़ की शुरुआत मजबूती के साथ की। सूचना प्रौद्योगिकी (IT), मेटल, एफएमसीजी और कैपिटल गुड्स सेक्टर में खरीदारी के चलते सेंसेक्स 889 अंकों की छलांग लगाकर 77,655 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 265 अंक यानी करीब 1.1% की बढ़त के साथ 24,250 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि गुरुवार, 30 जुलाई को बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कॉर्पोरेट नतीजों पर निर्भर रहने की संभावना है।

एशियाई बाजारों में गुरुवार सुबह मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई बढ़त में कारोबार करता दिखा, जबकि चीन का शंघाई इंडेक्स दबाव में रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी मजबूत रहा, वहीं हांगकांग का हैंगसेंग हल्की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। इस बीच पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखा, जिससे निवेशकों की सतर्कता बढ़ी हुई है।

वॉल स्ट्रीट से मिले संकेत घरेलू बाजार के लिए कुछ कमजोर रहे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद निवेशकों में असमंजस का माहौल बना रहा। डॉव जोन्स में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक भी लाल निशान में बंद हुए। AI और टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली ने अमेरिकी बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया।

हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बनी हुई है। बुधवार को एफआईआई ने लगभग ₹2,982 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी करीब ₹998 करोड़ का निवेश किया। इससे बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।

आज निवेशकों की नजर कई कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। Eicher Motors ने रिकॉर्ड बिक्री के दम पर मजबूत लाभ दर्ज किया है, जबकि Acme Solar, Waaree Energies, Star Health और Syrma SGS ने भी बेहतर वित्तीय प्रदर्शन पेश किया। दूसरी ओर KPIT Technologies के मुनाफे में गिरावट देखने को मिली, जो निवेशकों की चिंता का विषय बन सकती है। पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 1.5 अरब डॉलर तक विदेशी मुद्रा जुटाने की योजना और Vedanta Iron & Steel के मुनाफे में वापसी भी बाजार के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रहती है और वैश्विक तनाव नहीं बढ़ता, तो भारतीय बाजार अपनी मजबूती बरकरार रख सकता है। वहीं, निवेशकों की नजर अब कॉर्पोरेट आय, विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बनी रहेगी, जो आने वाले कारोबारी सत्रों की दिशा तय कर सकते हैं।

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