eSAF और Power-to-Liquid (PtL) बाजार 2035 तक तेज़ी से बढ़ेगा, स्वच्छ ईंधन की बढ़ती मांग बनेगी बड़ी वजह

eSAF और Power-to-Liquid बाजार

दुनियाभर में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में बढ़ते प्रयासों के बीच eSAF (Electric Sustainable Aviation Fuel) और Power-to-Liquid (PtL) बाजार तेजी से विस्तार की ओर बढ़ रहा है। नई उद्योग रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 से 2035 के बीच इस क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन उद्योग में हरित ईंधन की बढ़ती मांग और सरकारों की पर्यावरण अनुकूल नीतियां इस बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं।

विमानन उद्योग में बढ़ रही हरित ईंधन की मांग

पारंपरिक विमान ईंधन की तुलना में eSAF और PtL तकनीक को अधिक पर्यावरण अनुकूल माना जाता है। इन ईंधनों के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। यही कारण है कि दुनिया की कई एयरलाइंस और विमानन कंपनियां अब वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने पर जोर दे रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्बन न्यूट्रल एविएशन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इस तकनीक की मांग लगातार बढ़ेगी।

नई तकनीक और निवेश से मिलेगा बाजार को बढ़ावा

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई ऊर्जा कंपनियां और तकनीकी संस्थान Power-to-Liquid तकनीक पर बड़े स्तर पर निवेश कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में नवीकरणीय ऊर्जा की मदद से सिंथेटिक ईंधन तैयार किया जाता है, जिसे भविष्य के स्वच्छ ईंधनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं, नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना और निजी क्षेत्र का निवेश भी इस बाजार की वृद्धि को गति देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

यूरोप और एशिया बन सकते हैं प्रमुख बाजार

विश्लेषकों का मानना है कि यूरोप इस क्षेत्र में सबसे आगे रह सकता है, क्योंकि वहां पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियम लगातार सख्त किए जा रहे हैं। वहीं एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती हवाई यात्रा, ऊर्जा निवेश और नई परियोजनाओं के चलते बाजार में तेज़ विस्तार की संभावना जताई जा रही है।

भारत सहित कई विकासशील देश भी स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहे हैं, जिससे भविष्य में इस क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तकनीक की लागत में कमी आती है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है, तो eSAF और Power-to-Liquid बाजार वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। इससे न केवल विमानन उद्योग को स्वच्छ ईंधन मिलेगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने के वैश्विक प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

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