जून में विदेशी निवेशकों ने भारतीय सरकारी बॉन्ड में किया रिकॉर्ड निवेश, बाजार को मिला बड़ा सहारा

विदेशी निवेशकों का सरकारी बॉन्ड में निवेश

भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार में जून 2026 के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की रिकॉर्ड खरीदारी देखने को मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने जून महीने में अब तक करीब 39,640 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड खरीदे हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक निवेश माना जा रहा है और इससे भारतीय ऋण बाजार को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार और RBI के कदमों का दिखा असर

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के पीछे सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल में उठाए गए सुधारात्मक कदम बड़ी वजह हैं। सरकार ने विदेशी निवेशकों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों पर कर संबंधी राहत दी है, वहीं RBI ने भी सरकारी बॉन्ड बाजार को अधिक आकर्षक और आसान बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। इन फैसलों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

भारतीय बॉन्ड बाजार को मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी पूंजी के बढ़ने से भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार में तरलता (Liquidity) बेहतर होगी और बॉन्ड यील्ड पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। साथ ही इससे सरकार के लिए कम लागत पर उधारी जुटाना आसान हो सकता है। निवेशकों का यह भरोसा भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और दीर्घकालिक विकास संभावनाओं का भी संकेत माना जा रहा है।

आगे भी जारी रह सकता है निवेश

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और भारत की विकास दर मजबूत बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बॉन्ड बाजार की ओर बना रह सकता है। इससे रुपये को भी समर्थन मिलने की संभावना है और विदेशी मुद्रा भंडार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश का यह सकारात्मक दौर आगे भी जारी रह सकता है।

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