भारत में इक्विटी म्यूचुअल फंड का 30 साल में 13% औसत रिटर्न, 15 वैश्विक बाजारों की तुलना में तीसरे स्थान पर रहा देश

भारत में इक्विटी म्यूचुअल फंड रिटर्न

भारत के शेयर बाजार ने लंबी अवधि में निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने की क्षमता दिखाई है। DSP Mutual Fund की नवंबर 2026 की रिपोर्ट Netra: Early Signals Through Charts के अनुसार, पिछले 30 वर्षों में भारतीय इक्विटी बाजार ने एकमुश्त निवेश पर सालाना औसतन 13% और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए 13.3% का रिटर्न दिया। यह तुलना दुनिया के 15 प्रमुख इक्विटी बाजारों के प्रदर्शन पर आधारित है।

रिपोर्ट में 31 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। एकमुश्त निवेश के रिटर्न को CAGR और SIP के रिटर्न को IRR के आधार पर मापा गया है। तुलना के लिए भारत में Nifty 500 इंडेक्स को आधार बनाया गया।

ब्राजील और मेक्सिको ने भारत से बेहतर प्रदर्शन किया

15 देशों के बाजारों में ब्राजील पहले स्थान पर रहा। वहां एकमुश्त निवेश पर 16.4% और SIP के जरिए 14.8% सालाना रिटर्न दर्ज किया गया। मेक्सिको दूसरे स्थान पर रहा, जहां एकमुश्त निवेश का रिटर्न 14.2% और SIP रिटर्न 12.3% रहा।

भारत 13% एकमुश्त रिटर्न के साथ तीसरे स्थान पर रहा। SIP के मामले में भी भारत 13.3% रिटर्न के साथ ब्राजील के बाद दूसरे स्थान पर रहा। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने अमेरिका, कनाडा, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, जापान और चीन के कई प्रमुख बाजारों को पीछे छोड़ा।

जापान में SIP निवेश का सबसे बड़ा फायदा

रिपोर्ट के अनुसार, जापान में SIP निवेश ने एकमुश्त निवेश की तुलना में सबसे अधिक 4.4 प्रतिशत अंक का फायदा दिया। जापान में SIP रिटर्न 9.9% रहा, जबकि एकमुश्त निवेश पर 5.5% मिला। दक्षिण कोरिया और फिलीपींस में भी SIP ने क्रमशः 1.9 और 1.8 प्रतिशत अंक बेहतर प्रदर्शन किया।

हालांकि, हर बाजार में SIP बेहतर नहीं रहा। ब्राजील और मेक्सिको में एकमुश्त निवेश का रिटर्न SIP से अधिक था। फिलीपींस में एकमुश्त निवेश का रिटर्न सबसे कम 4.8% रहा, जबकि चीन के घरेलू बाजार में SIP रिटर्न 5.8% दर्ज किया गया।

निवेश में वैश्विक विविधता का महत्व

यह तुलना बताती है कि अलग-अलग देशों में इक्विटी निवेश का प्रदर्शन काफी अलग हो सकता है। भारतीय निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश से पोर्टफोलियो में विविधता आ सकती है। हालांकि, मुद्रा विनिमय दर, बाजार का मूल्यांकन, टैक्स और वैश्विक जोखिम वास्तविक रिटर्न को प्रभावित कर सकते हैं।

अस्वीकरण: यह जानकारी केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं। निवेश से पहले SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

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