तेल की कीमतों में उछाल के बाद बाजार की अगली चाल पर नजर

तेल की कीमतों में उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेज उछाल के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में एक बार फिर दबाव देखने को मिला है। तेल की बढ़ती कीमतों के साथ दुनिया भर में सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरें बढ़ीं, जिसका असर शेयर बाजारों पर पड़ा। BNP Paribas Asset Management के मुख्य बाजार रणनीतिकार डैनियल मॉरिस के अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम पिछले तेल मूल्य उछाल के दौरान देखे गए बाजार व्यवहार से मिलता-जुलता है।

ईरान युद्ध के बाद छठी बार तेल में तेज उछाल

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह तेल कीमतों में छठा बड़ा उछाल है। पिछले पांच ऐसे दौर में तेल की कीमतों में तेजी के बाद कुछ समय में कीमतों में गिरावट देखी गई थी। BNP Paribas Asset Management का विश्लेषण बताता है कि आने वाले महीनों में भी ऐसा पैटर्न दोहराया जा सकता है, हालांकि बाजार की दिशा कई आर्थिक और भू-राजनीतिक कारकों पर निर्भर करेगी।

तेल की कीमतों में तेजी के दौरान ऊर्जा क्षेत्र ने लगभग हर पिछले दौर में बेहतर प्रदर्शन किया। छह घटनाक्रमों के औसत आधार पर ऊर्जा क्षेत्र एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा, जिसने सकारात्मक रिटर्न दर्ज किया। सामग्री क्षेत्र को भी कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी से फायदा मिला, हालांकि उसका औसत रिटर्न नकारात्मक रहा।

तकनीकी शेयरों पर ब्याज दरों का असर सीमित

विश्लेषण में तकनीकी हार्डवेयर क्षेत्र को भी अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है। हालांकि छह में से चार घटनाक्रमों में इस क्षेत्र का रिटर्न नकारात्मक रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी आय वृद्धि ने तकनीकी कंपनियों पर बढ़ती ब्याज दरों के प्रभाव को कुछ हद तक सीमित किया है।

क्षेत्रीय बाजारों में नैस्डैक, उभरते बाजारों के तकनीकी शेयर और एमएससीआई ईएम एशिया इंडेक्स ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। इन सूचकांकों में तकनीकी हार्डवेयर कंपनियों का बड़ा हिस्सा इसकी एक वजह बताया गया है।

तेल की कीमतें घटने पर सोने और तकनीकी क्षेत्र पर नजर

BNP Paribas Asset Management के विश्लेषण के अनुसार, जब तेल की कीमतों में गिरावट आई, तब सोने की कीमत में औसतन लगभग 7 प्रतिशत मासिक वृद्धि देखी गई। इसी दौरान सोना खनन कंपनियों और सामग्री क्षेत्र ने भी बेहतर प्रदर्शन किया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तेल और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच तकनीकी हार्डवेयर क्षेत्र का प्रदर्शन अपेक्षाकृत मजबूत रहा है। अमेरिका के छोटे शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला रसेल 2000 सूचकांक ब्याज दरों के प्रति अधिक संवेदनशील है, इसलिए स्थिर या घटती ब्याज दरें आगे उसके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।

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