शेयरों से कम रिटर्न देने वाले बैंकिंग शेयर: क्या HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank की वापसी संभव है?
एक समय था जब निवेशकों का मानना था कि बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तुलना में उसी बैंक के शेयर कहीं बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
लेकिन पिछले पांच वर्षों के आंकड़े इस धारणा को चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं।
देश के दो बड़े निजी बैंक—HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank—के शेयरों ने इस अवधि में अपने ही पांच वर्षीय एफडी रिटर्न से कम प्रदर्शन किया है, जिससे निवेशकों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, HDFC Bank के पांच वर्षीय एफडी पर लगभग 5.35% ब्याज मिला, जबकि इसके शेयरों का वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) करीब -3% रहा। इसी तरह Kotak Mahindra Bank के एफडी ने लगभग 5.25% रिटर्न दिया, जबकि शेयरों का CAGR केवल 2% के आसपास रहा।
इसके विपरीत ICICI Bank, Axis Bank, SBI, Bank of Baroda, Canara Bank और Punjab National Bank जैसे बैंकों के शेयरों ने इसी अवधि में एफडी से कहीं बेहतर रिटर्न दर्ज किए।
विशेषज्ञों का मानना है कि HDFC Bank के कमजोर प्रदर्शन के पीछे अपेक्षाकृत धीमी लाभ वृद्धि, क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात का दबाव, नेट इंटरेस्ट मार्जिन में कमी और हाल के कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े मुद्दे प्रमुख कारण रहे हैं।
वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी शेयर पर दबाव बनाए रखा।
Kotak Mahindra Bank भी समान चुनौतियों से जूझता रहा। CASA जमा में गिरावट, नेट इंटरेस्ट मार्जिन में कमी और विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटने से बैंक के शेयरों पर असर पड़ा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और प्रबंधन का सतर्क दृष्टिकोण भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करता रहा।
हालांकि, कई ब्रोकरेज संस्थानों का मानना है कि दोनों बैंक मजबूत ब्रांड, व्यापक नेटवर्क और स्थिर वित्तीय आधार के कारण भविष्य में वापसी कर सकते हैं।
HDFC Bank ने हाल ही में कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं, जबकि घरेलू म्यूचुअल फंड और संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ना भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
इसके अलावा दोनों बैंक अपने ऐतिहासिक औसत से कम वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एफडी और इक्विटी निवेश की तुलना सीधे तौर पर नहीं की जा सकती क्योंकि दोनों की जोखिम प्रोफाइल अलग होती है।
निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति विविधीकृत पोर्टफोलियो रखना है, जिसमें सुरक्षित निवेश और इक्विटी दोनों का संतुलित मिश्रण शामिल हो। लंबे समय में मजबूत कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं, लेकिन सही मूल्यांकन और धैर्य निवेश की सफलता की कुंजी बने रहते हैं।

