शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23,250 के करीब फिसला
नई दिल्ली: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोमवार को बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 322 अंकों से अधिक गिरकर 73,945 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 153 अंकों की गिरावट के साथ 23,229 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार निकासी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इसके अलावा ईरान और पश्चिम एशिया से जुड़ी घटनाओं ने वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है।
विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,500 और सेंसेक्स के लिए 74,500 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बाजार इन स्तरों के नीचे बना रहता है तो गिरावट और गहरी हो सकती है। हालांकि, हालिया बिकवाली के बाद बाजार ओवरसोल्ड स्थिति में पहुंच चुका है, जिससे तकनीकी आधार पर कुछ राहत भरी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित संकेत देखने को मिले। जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि हांगकांग और सिंगापुर के बाजारों में सीमित बढ़त देखने को मिली। निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं पर बनी हुई है। किसी भी सकारात्मक समझौते की खबर वैश्विक बाजारों को राहत दे सकती है।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता दिखा, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी कमजोर रहा। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में मामूली मजबूती देखने को मिली, हालांकि मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण इसकी बढ़त सीमित रही।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक, अमेरिकी रोजगार आंकड़े और पश्चिम एशिया की राजनीतिक स्थिति बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
