बाज़ार का सप्ताह: अमेरिकी जॉब्स डेटा और ऑटो बिक्री पर टिकी निवेशकों की नज़र
मुंबई – भारतीय शेयर बाज़ार आने वाले सप्ताह में एक सतर्क लेकिन सकारात्मक रुख के साथ प्रवेश कर रहा है। निफ्टी50 (NIFTY50) ने सफलतापूर्वक 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को फिर से हासिल कर लिया है। हालांकि बाज़ार का रुख सकारात्मक रहा है, लेकिन अभी यह एक निश्चित दायरे में सीमित है और किसी बड़े संकेत का इंतज़ार कर रहा है।
इस सप्ताह के प्रमुख ट्रिगर
आने वाले दिनों में बाज़ार की दिशा तय करने के लिए निवेशक इन चार प्रमुख कारकों पर नज़र रखेंगे:
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भू-राजनीतिक स्थिति: अमेरिका-ईरान के बीच के तनाव पर बाज़ार की कड़ी नज़र है। हालिया राहत ने जोखिम लेने की धारणा को सुधारा है, लेकिन इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता बाज़ार की धारणा को प्रभावित कर सकती है।
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कच्चे तेल की कीमतें: पिछले तीन हफ़्तों से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखी गई है, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताओं को कम करने में मदद मिली है। निवेशक यह देखेंगे कि क्या ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड में यह गिरावट जारी रहती है या नहीं।
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अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट: वैश्विक स्तर पर गुरुवार को आने वाली अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण घटना है। जून महीने के लिए ‘नॉन-फार्म पेरोल्स’ के आंकड़े आने हैं, और बाजार उम्मीद कर रहा है कि इनमें 1,13,000 की वृद्धि होगी। इन आंकड़ों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दरों की रणनीति तय होने की संभावना है।
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घरेलू मांग के संकेतक: घरेलू स्तर पर जून माह की ऑटोमोबाइल बिक्री के आंकड़े सामने आएंगे, जो उपभोक्ता मांग का सटीक संकेत देंगे। इसके अलावा, विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्र (Services) के पीएमआई (PMI) डेटा भी निजी क्षेत्र की गतिविधियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
तकनीकी दृष्टिकोण और विदेशी निवेश
तकनीकी रूप से, निफ्टी50 अभी 23,650 और 24,200 के दायरे में फंसा हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि नई तेजी के लिए 24,200 के स्तर के ऊपर टिकना आवश्यक है, जबकि 23,650 का स्तर समर्थन का काम करेगा।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं और जून महीने में इन्होंने 45,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारतीय इक्विटी बेची है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाज़ार में लगातार खरीदारी कर इस दबाव को संभाल रहे हैं।
सेक्टर पर प्रभाव
बाज़ार का रुख चुनिंदा है। पिछले सप्ताह फार्मा (+2.8%) और टूरिज्म (+2.7%) सेक्टर में तेजी देखी गई, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व को लेकर आशंकाओं के चलते मेटल शेयरों में लगभग 5% की गिरावट दर्ज की गई।
अंत में, वैश्विक बाज़ार के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि शुक्रवार, 3 जुलाई को अमेरिकी बाज़ार स्वतंत्रता दिवस के कारण बंद रहेंगे, जिससे सप्ताह के अंत में वैश्विक ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहने की संभावना है।

