# Stock Markets Decline: बढ़ते कच्चे तेल के दाम और West Asia तनाव से सेंसेक्स-निफ्टी में गिरा
ई दिल्ली, 17 अगस्त 2026: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों और West Asia में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 284.85 अंक गिरकर 77,717.05 के स्तर पर आ गया, जबकि NSE Nifty50 69.25 अंक की गिरावट के साथ 24,297.05 पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में गिरावट का प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती रही। Brent crude 0.43% बढ़कर करीब 88.86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। West Asia में जारी तनाव और ईरान को लेकर अमेरिका की ओर से जारी चेतावनियों के कारण तेल बाजार में जोखिम प्रीमियम बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, ऊंची तेल कीमतें भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगाई और आयात बिल पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
Sensex में शामिल शेयरों में Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), HCL Technologies, Tech Mahindra, Hindustan Unilever और State Bank of India शुरुआती कारोबार में प्रमुख गिरावट वाले शेयर रहे। इसके विपरीत Bharat Electronics और Titan बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
वैश्विक संकेत भी बाजार के लिए पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी रही, जबकि सोमवार को एशियाई बाजारों में जापान का Nikkei 225, Shanghai Composite और Hong Kong का Hang Seng शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार, 14 अगस्त को भारतीय शेयरों में 508.12 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि West Asia में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए भारतीय बाजार निकट अवधि में सीमित दायरे में और सावधानीपूर्ण रुख के साथ कारोबार कर सकता है। पिछले सप्ताह की कमजोरी के बाद निवेशक अब तेल कीमतों, वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
बाजार में आगे की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतों और West Asia तनाव में किसी भी बदलाव की अहम भूमिका रहने की संभावना है।

