Bata India Q1 Results | Enviro Infra Engineers Q1 Results | Top Buzzing Stocks Today
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती और Strait of Hormuz को दोबारा खोलने को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच निवेशकों में सतर्कता बनी रही। कारोबार के अंत में BSE Sensex 188 अंक यानी 0.2% गिरकर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty50 में 35 अंकों यानी 0.1% की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। BSE 150 Midcap Index 0.08% नीचे रहा, जबकि BSE 250 SmallCap Index में 0.3% की गिरावट आई। सेक्टोरल स्तर पर रियल्टी और IT शेयरों में बिकवाली रही, जबकि ऑटो और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। SBI, Kotak Mahindra Bank और Bharti Airtel प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे, जबकि TCS, Tata Steel और Infosys कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
इन शेयरों में रही हलचल
Kalpataru Projects India के शेयर निवेशकों के रडार पर रहे। कंपनी ने Q1 FY27 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 97.4% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। मुनाफा बढ़कर ₹431 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹218 करोड़ था।
Senco Gold के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 3% की गिरावट आई और यह ₹101 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹105 करोड़ था।
Bata India के नतीजे
Bata India ने Q1 FY27 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 23% की सालाना वृद्धि दर्ज की। कंपनी का मुनाफा ₹64 करोड़ रहा। इस दौरान ऑपरेशंस से राजस्व 3.9% बढ़कर ₹979 करोड़ पहुंच गया।
कंपनी के अनुसार, ऑपरेशनल दक्षता, लागत प्रबंधन और बेहतर क्रियान्वयन से ऑपरेटिंग कैश प्रॉफिट में 7.6% की वृद्धि हुई। बोर्ड ने ₹25 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की भी घोषणा की, जिसकी कुल राशि करीब ₹32 करोड़ है।
Enviro Infra Engineers और Man Industries
Enviro Infra Engineers का Q1 FY27 नेट प्रॉफिट 4.94% घटकर ₹40 करोड़ रहा, लेकिन कंपनी की बिक्री 49.09% बढ़कर ₹359 करोड़ हो गई।
वहीं, Man Industries (India) का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट 122.41% बढ़कर ₹61 करोड़ पहुंच गया, जबकि बिक्री 41.91% बढ़कर ₹1,053 करोड़ रही।
कुल मिलाकर, बाजार में कमजोरी के बावजूद कई कंपनियों के तिमाही नतीजों के कारण चुनिंदा शेयरों में गतिविधि तेज रही। निवेशकों की नजर अब आगे आने वाले कॉरपोरेट नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी।

