2026 में तेजी से उभर रहे भारतीय AI शेयर, निवेशकों की नजर में आए कई नए नाम
बड़े आईटी शेयरों से आगे बढ़ रहा AI बाजार
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। अब तक ज्यादातर चर्चा टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसे बड़े आईटी शेयरों तक सीमित थी, लेकिन 2026 में कई मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां तेजी से उभरती दिखाई दे रही हैं। ये कंपनियां केवल AI की बातें नहीं कर रहीं, बल्कि उनका कारोबार सीधे AI तकनीक पर आधारित है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी
दिल्ली की नेटवेब टेक्नोलॉजीज AI सर्वर, सुपरकंप्यूटर और डेटा सेंटर समाधान तैयार कर रही है। कंपनी को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का फायदा मिल रहा है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की आय में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई और AI कारोबार इसकी कमाई का बड़ा हिस्सा बन चुका है।
इसी तरह E2E नेटवर्क्स घरेलू GPU क्लाउड सेवाओं पर काम कर रही है। AI एप्लिकेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग के बीच कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है। हालांकि यह अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन निवेशकों की नजर इस पर बनी हुई है।
डेटा और एनालिटिक्स कंपनियों की मांग बढ़ी
फ्रैक्टल एनालिटिक्स और लैटेंट व्यू एनालिटिक्स जैसी कंपनियां डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग सेवाओं के जरिए बड़ी वैश्विक कंपनियों के साथ काम कर रही हैं। इन कंपनियों का फोकस पारंपरिक आईटी सेवाओं से अलग AI आधारित समाधान देने पर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में डेटा आधारित निर्णय लेने की मांग बढ़ने से ऐसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
विज्ञापन और डिजिटल कारोबार में AI का असर
एफल इंडिया ने AI आधारित विज्ञापन तकनीक के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। कंपनी उपभोक्ताओं के व्यवहार का विश्लेषण कर टारगेटेड विज्ञापन उपलब्ध कराती है। इसके कारण कंपनी की कमाई और मुनाफे में लगातार सुधार देखने को मिला है।
जोखिम भी कम नहीं
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि AI सेक्टर में अवसर बड़े हैं, लेकिन जोखिम भी उतना ही ज्यादा है। कई कंपनियों के शेयर ऊंचे मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं और इनमें उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है।
फिर भी, भारत में AI बाजार के तेजी से बढ़ने की उम्मीद के बीच निवेशकों की नजर अब उन कंपनियों पर है जो भविष्य की तकनीक पर काम कर रही हैं और आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
