ज़ी मीडिया के शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर, कंपनी ने घाटा घटाकर मुनाफे में की वापसी
शेयर बाजार में सोमवार को ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन के शेयर निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बन सकते हैं।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही और पूरे साल के वित्तीय नतीजों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है, जिससे बाजार में इसके प्रति सकारात्मक माहौल बनने की संभावना है।
मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर 14.32 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह घाटा 22.68 करोड़ रुपये था। हालांकि तिमाही के दौरान कंपनी की आय में मामूली कमी दर्ज की गई, लेकिन खर्चों में कटौती और बेहतर परिचालन प्रबंधन के कारण घाटे को काफी हद तक कम करने में सफलता मिली।
कंपनी की परिचालन आय मार्च तिमाही में 112.55 करोड़ रुपये रही, जो एक वर्ष पहले 117.48 करोड़ रुपये थी। वहीं कुल खर्च घटकर 142.02 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 155 करोड़ रुपये था। लागत नियंत्रण की इस रणनीति ने कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सबसे बड़ी उपलब्धि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों में देखने को मिली। कंपनी ने पिछले वर्ष के 100.33 करोड़ रुपये के घाटे से उबरते हुए इस वर्ष 16.93 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इसके साथ ही ज़ी मीडिया ने घाटे से मुनाफे की ओर मजबूत वापसी की है।
राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। पूरे वित्त वर्ष में परिचालन आय 26 प्रतिशत बढ़कर 571.53 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले वर्ष 454.88 करोड़ रुपये थी। बढ़ती आय और बेहतर लागत प्रबंधन के संयोजन ने कंपनी को लाभ में लौटने का अवसर दिया।
शेयर बाजार में कंपनी के प्रदर्शन पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। हाल ही में शेयर में हल्की कमजोरी देखने को मिली, लेकिन पिछले एक सप्ताह में इसमें अच्छी तेजी दर्ज की गई है। अब निवेशक यह देखना चाहेंगे कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपनी आय वृद्धि और लाभप्रदता को कितनी मजबूती से बनाए रख पाती है।
मीडिया और प्रसारण उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ज़ी मीडिया की यह वापसी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
