अमेरिका-ईरान वार्ता से एशियाई बाजारों में तेजी, दक्षिण कोरिया का कोस्पी रिकॉर्ड ऊंचाई पर
दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार मंगलवार को नई ऊंचाई पर पहुंच गया। सार्वजनिक अवकाश के बाद दोबारा शुरू हुई ट्रेडिंग में कोस्पी इंडेक्स ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया। निवेशकों का भरोसा अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता की उम्मीदों से मजबूत हुआ, जिससे पूरे एशियाई बाजारों में मिश्रित लेकिन सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत “सकारात्मक दिशा” में आगे बढ़ रही है।
हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि वार्ता विफल होती है तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
इन बयानों के बाद तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में रिकॉर्ड 8,094 अंक तक पहुंच गया। वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, क्योंकि निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली शुरू कर दी। जापान के केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने भी संकेत दिया कि ब्याज दरों को लेकर अभी सावधानी बरती जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 और चीन का CSI 300 इंडेक्स कमजोर रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स छुट्टी के बाद बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। भारत में भी बाजार सीमित दायरे में रहा और निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी का मुख्य कारण कंपनियों की मजबूत कमाई और तकनीक व ऊर्जा सेक्टर में तेज विकास है। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से जुड़े शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है।
हालांकि बढ़ती बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। अमेरिका में 30 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5 प्रतिशत के ऊपर पहुंच गई है,
जो कई वर्षों का उच्च स्तर है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि महंगाई और तेल कीमतों में और तेजी आती है तो शेयर बाजार में करेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में निवेशकों को केवल तेजी के भरोसे नहीं रहना चाहिए, बल्कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों और विविध सेक्टरों में संतुलित निवेश रणनीति अपनानी चाहिए।
