अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम से शेयर बाजार में भारी उछाल; सेंसेक्स 2700 अंक से ज्यादा उछला 08 अप्रैल 2026 01:15

शेयर बाजार समाचार

भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार, 8 अप्रैल 2026 की सुबह एक ऐतिहासिक तेजी लेकर आई। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम (Ceasefire) की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में आए सकारात्मक संकेतों ने घरेलू निवेशकों के बीच भारी उत्साह भर दिया है।

इस भू राजनीतिक राहत के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (BSE Sensex) शुरुआती कारोबार में 2,775.73 अंक यानी 3.71% की जबरदस्त बढ़त के साथ 77,392.31 के स्तर पर पहुंच गया।

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी 815.2 अंक या 3.52% उछलकर 23,938.85 पर कारोबार करता दिखा। बाजार की इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार की उम्मीदें प्रमुख कारण मानी जा रही हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विमानन क्षेत्र में तेजी

इस संघर्ष विराम का सबसे बड़ा और तत्काल प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 13.24% टूटकर 94.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।

तेल की कीमतों में इस भारी कमी का सीधा लाभ भारतीय कंपनियों, विशेषकर विमानन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मिला है। इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के शेयरों में लगभग 10% की रिकॉर्ड तेजी देखी गई।

सेंसेक्स की अन्य प्रमुख कंपनियों में लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी जोरदार खरीदारी हुई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के समझौते ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बने डर को खत्म कर दिया है जिससे भारतीय मुद्रा और मुद्रास्फीति के मोर्चे पर भी राहत मिलने की उम्मीद है।

वैश्विक बाजारों का रुख और आरबीआई मौद्रिक नीति पर नजर

एशियाई बाजारों में भी आज उत्सव जैसा माहौल रहा, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई, शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

हालांकि मंगलवार को अमेरिकी बाजार स्थिर बंद हुए थे, लेकिन संघर्ष विराम की खबर ने आज सुबह से ही वैश्विक सेंटीमेंट को बदल दिया है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रणनीतिकारों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का 95 डॉलर के नीचे आना बाजार में फिर से ‘बुल रन’ की शुरुआत कर सकता है।

इस बीच, निवेशकों की निगाहें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर भी टिकी हैं जिसकी घोषणा गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा की जानी है।

भले ही मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली की थी लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की सक्रियता और भू राजनीतिक स्थिरता ने बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

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