सामाजिक कारक (Social Factors) और उनका सेक्टर्स पर असर

सामाजिक कारक (Social Factors) और उनका सेक्टर्स पर असर

आज हम सीख रहें हैं सामाजिक कारक (Social Factors) और उनका सेक्टर्स पर असर | निवेश सिर्फ़ आर्थिक डेटा और कंपनी के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। समाज में हो रहे बदलाव भी सेक्टर और कंपनियों के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। इसे समझना हर निवेशक के लिए महत्वपूर्ण है। सामाजिक कारक (Social Factors) में…

Read More
कॉर्पोरेट इवेंट्स और एक्सप्रेशन (Corporate Events & Expression) शेयर बाज़ार पर इनके प्रभाव की हिन्दी समीक्षा

कॉर्पोरेट इवेंट्स और एक्सप्रेशन (Corporate Events & Expression): शेयर बाज़ार पर इनके प्रभाव की हिन्दी समीक्षा

आज हम सीख रहें हैं कॉर्पोरेट इवेंट्स और एक्सप्रेशन (Corporate Events & Expression): शेयर बाज़ार पर इनके प्रभाव की हिन्दी समीक्षा | शेयर बाज़ार सिर्फ़ चार्ट और नंबरों का खेल नहीं है। किसी कंपनी के शेयर की कीमत पर सबसे ज़्यादा असर उसके कॉर्पोरेट इवेंट्स और उनके एक्सप्रेशन यानी प्रस्तुतिकरण का होता है। कई बार…

Read More
मुद्रास्फीति, ब्याज दरें और शेयर मार्केट कैसे कनेक्ट होते हैं

मुद्रास्फीति, ब्याज दरें और शेयर मार्केट: कैसे कनेक्ट होते हैं?

आज हम सीख रहें हैं मुद्रास्फीति, ब्याज दरें और शेयर मार्केट: कैसे कनेक्ट होते हैं? जब भी महँगाई बढ़ती है तो आम आदमी सबसे पहले रोज़मर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ते हुए देखता है। लेकिन निवेशकों के लिए महँगाई यानी मुद्रास्फीति सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रहती बल्कि इसका सीधा असर शेयर बाजार तक पहुँचता…

Read More
मल्टी-टाइमफ्रेम एनालिसिस डे-चार्ट से वीकली तक

मल्टी-टाइमफ्रेम एनालिसिस: डे-चार्ट से वीकली तक

आज हम सीख रहें हैं मल्टी-टाइमफ्रेम एनालिसिस: डे-चार्ट से वीकली तक | शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग करते समय कई बार हमें सिंगल टाइमफ्रेम (जैसे डेली चार्ट) देखने से सही दिशा का पता नहीं चलता। मल्टी-टाइमफ्रेम एनालिसिस (Multi-Timeframe Analysis) एक ऐसी तकनीक है जिसमें हम एक स्टॉक या सेक्टर के विभिन्न समय अंतराल के…

Read More