2 अप्रैल का ट्रेड सेटअप: गैप-डाउन के बाद क्या निफ्टी में आएगी रिकवरी?
बाजार की शुरुआत कमजोर संकेतों के साथ
भारतीय शेयर बाजार 2 अप्रैल को कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 400 अंकों की गिरावट देखी गई है जिससे संकेत मिल रहे हैं कि बाजार गैप डाउन के साथ खुल सकता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिख रहा है।
हालिया गिरावट ने बढ़ाई चिंता
बीते कारोबारी सत्र में बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 1500 अंकों से ज्यादा गिरा जबकि निफ्टी 22,250 के नीचे फिसल गया। इस गिरावट से निवेशकों के लगभग ₹9 लाख करोड़ साफ हो गए।
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव रहा जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।
किन कारणों से दबाव में बाजार
बाजार पर दबाव के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे प्रमुख वजह अमेरिका ईरान तनाव का बढ़ना है जिससे वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं जो भारत जैसे आयात निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है।
इसके अलावा, विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी बाजार को कमजोर कर रही है। निवेशक फिलहाल जोखिम से बचने के मूड में हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
तकनीकी स्तर क्या कहते हैं
तकनीकी तौर पर निफ्टी फिलहाल कमजोर ट्रेंड में नजर आ रहा है। 22,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है जबकि ऊपर की तरफ 22,700 से 23,000 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बन सकता है।
अगर निफ्टी 22,000 के नीचे जाता है तो गिरावट और तेज हो सकती है वहीं इस स्तर के ऊपर टिकने पर हल्की रिकवरी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में सतर्क रहना जरूरी है। बाजार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है इसलिए बड़े निवेश से बचना और स्टॉप लॉस के साथ ट्रेड करना बेहतर रहेगा।
कुल मिलाकर, जब तक वैश्विक संकेत सुधरते नहीं हैं तब तक बाजार में स्थिरता की उम्मीद कम ही नजर आती है। आने वाले दिनों में निफ्टी की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।
