आरबीआई ने पूंजी बाजार एक्सपोजर नियमों के लागू होने की तारीख बढ़ाई, 1 जुलाई तक मिली राहत

आरबीआई पूंजी बाजार एक्सपोजर नियम

बैंकों और ब्रोकर्स को अस्थायी राहत

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पूंजी बाजार एक्सपोजर से जुड़े संशोधित नियमों के लागू होने की तारीख को तीन महीने आगे बढ़ा दिया है। अब ये नियम 1 अप्रैल 2026 के बजाय 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे। इस फैसले को बैंकिंग और ब्रोकिंग सेक्टर के लिए अस्थायी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

आरबीआई ने फरवरी 2026 में इन संशोधित दिशानिर्देशों को जारी किया था जिनका उद्देश्य बैंकों द्वारा पूंजी बाजार से जुड़े कर्ज के ढांचे को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाना था।

हालांकि, हाल ही में बैंकों, पूंजी बाजार मध्यस्थों (CMIs) और विभिन्न उद्योग संगठनों ने इन नियमों को लागू करने के लिए अधिक समय की मांग की थी।

क्यों बढ़ाई गई समयसीमा

केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसे कई पक्षों से आवेदन मिले थे जिनमें कुछ परिचालन और व्याख्या से जुड़े मुद्दों की ओर ध्यान दिलाया गया था। इन पर विचार करने और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद आरबीआई ने समयसीमा बढ़ाने का निर्णय लिया।

नियमों में क्या हैं मुख्य बदलाव

संशोधित दिशानिर्देशों में अधिग्रहण वित्त (Acquisition Finance) से जुड़े प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है। अब इसमें विलय और अधिग्रहण (M&A) को भी शामिल किया गया है। बैंकों को केवल गैर वित्तीय कंपनियों में नियंत्रण हासिल करने के लिए ही इस प्रकार का कर्ज देने की अनुमति होगी।

इसके अलावा, यदि कोई कंपनी अपनी सहायक इकाई के माध्यम से अधिग्रहण करती है तो उसे कॉरपोरेट गारंटी देना अनिवार्य होगा। अधिग्रहण के बाद ही ऐसे कर्ज का पुनर्वित्त (Refinance) किया जा सकेगा।

व्यक्तिगत कर्ज पर भी सीमा तय

आरबीआई ने शेयरों और अन्य वित्तीय साधनों के बदले मिलने वाले कर्ज पर भी सीमा तय कर दी है। अब कोई भी व्यक्ति अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का कर्ज ले सकता है। वहीं आईपीओ, एफपीओ या ईएसओपी में निवेश के लिए यह सीमा 25 लाख रुपये रखी गई है।

बाजार के लिए क्या मायने

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बाजार में स्थिरता बनी रहेगी और बैंकों को नए नियमों के अनुरूप खुद को ढालने का समय मिलेगा। हालांकि, यह राहत अस्थायी है और जुलाई से नियम लागू होने के बाद बाजार पर इसका असर साफ दिखाई दे सकता है।

पूरी खबर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *