एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट, यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला कारोबार; निवेशकों में बढ़ी सतर्कता

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वैश्विक शेयर बाजारों में सप्ताह की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। एशियाई बाजारों में सोमवार को व्यापक बिकवाली देखने को मिली, जबकि यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा। तकनीकी शेयरों पर दबाव, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मुनाफावसूली ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

दक्षिण कोरिया में सबसे बड़ी गिरावट

एशियाई बाजारों में सबसे अधिक दबाव दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) सूचकांक पर देखने को मिला, जो शुरुआती कारोबार में 8% से अधिक लुढ़कने के बाद अंततः लगभग 4.9% की गिरावट के साथ बंद हुआ। तेज गिरावट के कारण कोरिया एक्सचेंज को कुछ समय के लिए सर्किट ब्रेकर भी लागू करना पड़ा। वहीं, ताइवान का ताइएक्स करीब 2.3%, जापान का निक्केई 225 लगभग 2.1%, चीन का शंघाई कंपोजिट 1.2% और हांगकांग का हैंग सेंग लगभग 0.5% कमजोर रहा। हालांकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स सूचकांक करीब 1.6% की मजबूती के साथ बंद हुआ।

टेक शेयरों में बिकवाली बनी बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में तेज मुनाफावसूली के कारण एशियाई बाजारों पर दबाव बढ़ा। निवेशक अब ऊंचे वैल्यूएशन और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को लेकर अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। इसके अलावा मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख

यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में कारोबार मिश्रित रहा। लंदन का FTSE 100 और फ्रांस का CAC 40 हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए, जबकि जर्मनी का DAX दबाव में रहा। ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन तकनीकी कंपनियों में कमजोरी के कारण समग्र बाजार में स्पष्ट दिशा नहीं बन सकी।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक महंगाई के आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की अगली दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक टेक सेक्टर की चाल पर बनी हुई है।

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