साप्ताहिक मार्केट रैप: NIFTY50 और SENSEX में लगभग 1% की तेजी, Smallcap शेयरों ने किया शानदार प्रदर्शन
भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह सकारात्मक रहा। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, घरेलू आर्थिक आंकड़ों में मजबूती और बेहतर निवेश माहौल के चलते प्रमुख सूचकांकों NIFTY50 और SENSEX ने करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। वहीं, व्यापक बाजार में NIFTY Smallcap 100 ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
वैश्विक संकेतों ने बढ़ाया बाजार का उत्साह
सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं, जिससे आयात लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुईं। इसके अलावा मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद और वैश्विक निवेशकों की बेहतर धारणा ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की।
इन बड़े शेयरों ने दिखाई मजबूती
इस सप्ताह Eternal, Bajaj Finserv, Adani Enterprises, Bajaj Finance और Maruti Suzuki जैसे बड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। खासकर ऑटो सेक्टर को जून महीने के मजबूत बिक्री आंकड़ों का लाभ मिला। वहीं दूसरी ओर L&T, Eicher Motors, Kotak Mahindra Bank और कुछ अन्य बड़े शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई।
स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर बने आकर्षण का केंद्र
बड़े शेयरों के मुकाबले स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियों ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया। NIFTY Smallcap 100 में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई, जबकि NIFTY Midcap 100 भी मजबूती के साथ बंद हुआ। कई रियल एस्टेट, टेक्नोलॉजी और उपभोक्ता क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली, जिससे व्यापक बाजार का प्रदर्शन बेहतर रहा।
रियल्टी और फार्मा सेक्टर ने किया बेहतर प्रदर्शन
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो NIFTY Realty सबसे बड़ा विजेता रहा और इसमें उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Pharma, FMCG, Defence और Consumer Durables सेक्टरों में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला। हालांकि बैंकिंग और PSU बैंक इंडेक्स में सीमित दबाव बना रहा, जिसके कारण इन सेक्टरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
अगले सप्ताह किन बातों पर रहेगी नजर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अब निवेशकों की नजर आगामी कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और घरेलू आर्थिक आंकड़े मजबूत आते हैं, तो भारतीय स्टॉक मार्केट में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर और उचित जोखिम प्रबंधन के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

